मर्चेंट नेवी में नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगार युवाओं से ऑनलाइन ठगी का मामला !
मेडिकल के नाम पर पैसे, फिट होने पर आगे की ट्रेनिंग का खर्च उठाने की शर्त; सरकारी मान्यता और नौकरी के दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी। सरकारी मान्यता, ट्रेनिंग, प्लेसमेंट और रिफंड की शर्तों की स्वतंत्र जांच जरूरी; युवाओं से दस्तावेज सत्यापित करने की अपील
मर्चेंट नेवी में नौकरी पाने का सपना देख रहे बेरोजगार युवाओं को भर्ती और प्रशिक्षण से जुड़े दावों की जांच किए बिना भुगतान करने से बचना चाहिए। राजस्थान की राजधानी जयपुर में Captain's Marine and Defence Training Centre के नाम से प्रस्तुत वेबसाइट captainsmarine.in को लेकर प्राप्त जानकारी में मेडिकल शुल्क, प्रशिक्षण, प्लेसमेंट और सरकारी अनुमोदन से जुड़े कई सवाल उठाए गए हैं।

शिकायतनुमा जानकारी के अनुसार, अभ्यर्थियों से मेडिकल जांच के लिए ₹2,250 जमा कराने की बात कही जा रही है। साथ ही, मेडिकल में फिट नहीं होने की स्थिति में रकम वापस न मिलने और फिट होने पर आगे की ट्रेनिंग तथा अन्य खर्च उठाने की शर्तों का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, JNV NEWS 24 के पास फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि करने वाले पर्याप्त दस्तावेज, भुगतान की प्रमाणित रसीदें, संबंधित अभ्यर्थियों के सत्यापित बयान या किसी सक्षम सरकारी एजेंसी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस मामले को फिलहाल शिकायतों और उठाए गए सवालों के आधार पर जांच योग्य मामला माना जाना चाहिए। उपलब्ध जानकारी के आधार पर संस्थान को धोखाधड़ी में लिप्त घोषित करना उचित नहीं होगा।
वेबसाइट पर प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के क्या दावे हैं?

वेबसाइट पर उपलब्ध होने की बताई गई जानकारी के अनुसार, संस्थान स्वयं को मर्चेंट नेवी प्रशिक्षण से जुड़ा केंद्र बताता है। इसके साथ प्रशिक्षित शिक्षकों, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, प्लेसमेंट सहायता और सरकारी अनुमोदन से संबंधित दावे किए जाने की बात सामने आई है।
प्राप्त विवरण में वेबसाइट पर 1,000 से अधिक क्रू सदस्यों को जहाजों पर नियुक्त कराने का दावा भी बताया गया है।
इन दावों की वास्तविकता जानने के लिए यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि संस्थान का कानूनी पंजीकरण क्या है, कौन-से प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं, उन पाठ्यक्रमों के लिए कौन-सी मान्यता आवश्यक है और प्लेसमेंट का दावा किन सत्यापन योग्य रिकॉर्ड पर आधारित है।
महत्वपूर्ण बात: वेबसाइट पर सरकारी मान्यता या सफल प्लेसमेंट का उल्लेख होना अपने आप में उसका प्रमाण नहीं है। संबंधित प्रमाणपत्रों और अधिकृत रिकॉर्ड की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
₹2,250 मेडिकल शुल्क: किन सवालों के जवाब जरूरी?

प्राप्त जानकारी में आरोप लगाया गया है कि मर्चेंट नेवी में नौकरी की संभावना बताकर अभ्यर्थियों से पहले मेडिकल जांच के लिए ₹2,250 जमा करने को कहा जाता है।
बताई गई कथित प्रक्रिया के अनुसार:
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मेडिकल जांच के लिए अभ्यर्थी से ₹2,250 जमा कराने की बात कही जाती है।
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मेडिकल में फिट नहीं होने पर शुल्क वापस नहीं मिलने की शर्त बताई जाती है।
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मेडिकल में फिट होने के बाद प्रशिक्षण की अगली प्रक्रिया का उल्लेख किया जाता है।
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जयपुर में एक महीने और गुजरात में छह महीने की ट्रेनिंग कराने की बात कही जाती है।
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रहने, खाने, प्रशिक्षण और अन्य मदों में अतिरिक्त खर्च होने की संभावना बताई जाती है।
इन शर्तों की पुष्टि के लिए लिखित फीस संरचना, रिफंड नीति, भर्ती विज्ञापन, संबंधित संदेश, भुगतान रसीद और अभ्यर्थियों के बयान देखना आवश्यक है।
यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि ₹2,250 केवल अधिकृत मेडिकल जांच का शुल्क है या इसमें कोई अन्य सेवा शामिल है। मेडिकल जांच कहां कराई जाती है, जांच करने वाला केंद्र अधिकृत है या नहीं और भुगतान किसके खाते में लिया जाता है—इन सवालों का जवाब मिलना भी जरूरी है।
सबसे अहम सवाल: क्या अभ्यर्थियों को किसी वास्तविक शिपिंग कंपनी में नौकरी का लिखित प्रस्ताव दिया जाता है, या उन्हें केवल प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सहायता का आश्वासन दिया जाता है? दोनों स्थितियों में अंतर समझना युवाओं के लिए बेहद जरूरी है।
डोमेन रिकॉर्ड में 27 मार्च 2026 की तारीख का क्या अर्थ है?
प्राप्त विवरण में वेबसाइट के डोमेन रिकॉर्ड के संबंध में निम्नलिखित तारीखें बताई गई हैं:
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डोमेन पंजीकरण: 27 मार्च 2026
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रिकॉर्ड अपडेट: 9 अप्रैल 2026
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समाप्ति की तारीख: 27 मार्च 2027
इन तारीखों को संबंधित डोमेन रिकॉर्ड से मिलाकर सत्यापित करना आवश्यक है। यदि ये तारीखें सही भी हैं, तो इनसे केवल डोमेन के पंजीकरण और रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी मिलती है।
डोमेन का नया होना अपने आप में किसी अवैध गतिविधि का प्रमाण नहीं है। इसी प्रकार, रिकॉर्ड में बदलाव या तकनीकी प्रतिबंध दिखाई देने से किसी धोखाधड़ी की पुष्टि नहीं होती।
यह पता लगाने के लिए अलग साक्ष्य चाहिए कि वेबसाइट पर भर्ती संबंधी दावे कब प्रकाशित हुए, भुगतान कब मांगा गया और कथित घटनाएँ कब हुईं।

जयपुर का पता और संपर्क विवरण भी सत्यापन के दायरे में
प्राप्त जानकारी में वेबसाइट से संबंधित संस्थान का विवरण इस प्रकार बताया गया है:
संस्थान का नाम: Captain's Marine and Defence Training Centre
वेबसाइट: captainsmarine.in
वेबसाइट पर बताया गया पता: Shree Ramchandra Koshilya Ki Dhani, Near Shikarpura Chauraha, Sanganer, Jaipur, Rajasthan – 302029.
ईमेल: worldmarinejpr@gmail.com
फोन: 9351002465
ये विवरण उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर दिए जा रहे हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। किसी पते, ईमेल या फोन नंबर का वेबसाइट पर होना अपने आप में संस्थान की वैधता साबित नहीं करता।
अभ्यर्थियों को संस्थान की वास्तविक पहचान, कार्यालय की स्थिति, कानूनी पंजीकरण और संबंधित अधिकारियों से मिलने वाली जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
सरकारी अनुमोदन के दावों पर स्पष्टता जरूरी
प्राप्त विवरण के अनुसार, वेबसाइट पर Ministry of External Affairs, Government of India तथा Director General of Training & Employment से संबंधित अनुमोदन के दावे किए गए हैं।
इन दावों की जांच करते समय यह समझना जरूरी है कि संस्थान का पंजीकरण, किसी विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की मान्यता, मर्चेंट नेवी से संबंधित आवश्यक प्रमाणपत्र और किसी शिपिंग कंपनी की ओर से नौकरी की पेशकश अलग-अलग विषय हैं।
युवाओं को निम्नलिखित दस्तावेज देखने चाहिए:
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संस्थान के पंजीकरण और कानूनी पहचान के प्रमाण।
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संबंधित सरकारी अनुमोदन का प्रमाणपत्र और मान्यता संख्या।
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प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक स्वीकृति।
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मेडिकल जांच केंद्र की अधिकृत स्थिति और शुल्क का विवरण।
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प्रशिक्षण के बाद मिलने वाले प्रमाणपत्र और योग्यता की जानकारी।
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भर्ती करने वाली शिपिंग कंपनी का नाम और सत्यापन योग्य लिखित ऑफर।
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मेडिकल, प्रशिक्षण, आवास और भोजन सहित सभी खर्चों की सूची।
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फीस वापसी की स्पष्ट लिखित नीति।
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पिछले प्लेसमेंट के दावों की पुष्टि करने वाले रिकॉर्ड।
जब तक संबंधित दस्तावेजों की जांच नहीं हो जाती, तब तक सरकारी अनुमोदन और प्लेसमेंट के दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित मानना उचित नहीं होगा।
क्या मामला ऑनलाइन भर्ती धोखाधड़ी का है?
यह सवाल गंभीर है, लेकिन इसका जवाब केवल वेबसाइट, डोमेन रिकॉर्ड या मेडिकल शुल्क की जानकारी के आधार पर नहीं दिया जा सकता।
यदि किसी अभ्यर्थी से झूठा नौकरी प्रस्ताव देकर पैसा लिया गया हो, सरकारी मान्यता के बारे में जानबूझकर गलत जानकारी दी गई हो या भुगतान की महत्वपूर्ण शर्तें छिपाई गई हों, तो परिस्थितियों के अनुसार मामला संबंधित अधिकारियों की जांच का विषय बन सकता है।
फिलहाल इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रमाण जुटाना जरूरी है:
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क्या किसी अभ्यर्थी ने वास्तव में ₹2,250 का भुगतान किया है?
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क्या भुगतान की रसीद या बैंक ट्रांजैक्शन उपलब्ध है?
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क्या किसी अभ्यर्थी ने रिफंड मांगा और उसे मना किया गया?
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क्या नौकरी की गारंटी दी गई थी या केवल प्लेसमेंट सहायता का वादा किया गया?
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क्या संबंधित शिपिंग कंपनी ने भर्ती की पुष्टि की है?
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क्या सरकारी अनुमोदन के दावे संबंधित विभाग के रिकॉर्ड से मेल खाते हैं?
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क्या किसी अभ्यर्थी ने पुलिस या संबंधित नियामक प्राधिकरण के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है?
इन सवालों के उत्तर मिलने पर ही कथित नुकसान, जिम्मेदारी और मामले की वास्तविक प्रकृति का निष्पक्ष आकलन किया जा सकेगा।
बेरोजगार युवाओं के लिए जरूरी सावधानियां
मर्चेंट नेवी में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवा किसी भी भर्ती या प्रशिक्षण योजना में पैसा जमा करने से पहले निम्नलिखित सावधानियां बरतें:
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भर्ती विज्ञापन, वेबसाइट और संबंधित संदेशों के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
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फीस, रिफंड और अन्य खर्चों की शर्तें लिखित में लें।
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नौकरी और प्रशिक्षण के बीच का अंतर समझें।
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संबंधित शिपिंग कंपनी से स्वतंत्र रूप से भर्ती की पुष्टि करें।
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सरकारी मान्यता का दावा संबंधित आधिकारिक विभाग से सत्यापित करें।
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मेडिकल जांच केंद्र की पहचान, अधिकृत स्थिति और शुल्क की पुष्टि करें।
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भुगतान की रसीद और बैंक ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
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नौकरी की गारंटी के मौखिक वादे पर निर्भर न रहें।
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व्यक्तिगत बैंक खाते में भुगतान मांगे जाने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।
यदि कोई अभ्यर्थी स्वयं को ठगी का शिकार मानता है, तो उसे उपलब्ध भुगतान रिकॉर्ड, बातचीत और अन्य साक्ष्यों के साथ संबंधित पुलिस या सक्षम प्राधिकरण से संपर्क करना चाहिए।
JNV NEWS 24 के सात सवाल, जिनके जवाब जरूरी हैं
जनहित से जुड़े इस मामले में संबंधित संस्थान का पक्ष सामने आना भी आवश्यक है। JNV NEWS 24 निम्नलिखित सवालों पर संस्थान से आधिकारिक स्पष्टीकरण अपेक्षित करता है:
1. क्या अभ्यर्थियों से मेडिकल जांच के लिए ₹2,250 लिए जाते हैं? यदि हां, तो भुगतान किसे किया जाता है और रसीद दी जाती है या नहीं?
2. मेडिकल में फिट नहीं होने की स्थिति में शुल्क वापसी की नीति क्या है? इसकी लिखित शर्तें कहां उपलब्ध हैं?
3. जयपुर में एक महीने और गुजरात में छह महीने की ट्रेनिंग का पाठ्यक्रम, स्थान और अधिकृत आधार क्या है?
4. मेडिकल, प्रशिक्षण, आवास, भोजन और अन्य मदों को मिलाकर अभ्यर्थी का कुल संभावित खर्च कितना है?
5. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद नौकरी की गारंटी दी जाती है या केवल प्लेसमेंट सहायता उपलब्ध कराई जाती है?
6. वेबसाइट पर बताए गए सरकारी अनुमोदनों के प्रमाणपत्र, मान्यता संख्या और संबंधित पाठ्यक्रमों की स्वीकृति का विवरण क्या है?
7. वेबसाइट पर 1,000 से अधिक क्रू सदस्यों को जहाजों पर नियुक्त कराने के दावे को अभ्यर्थी किस तरह सत्यापित कर सकते हैं?
संबंधित संस्थान से आधिकारिक जवाब, दस्तावेज या स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे खबर में उचित स्थान दिया जाना चाहिए। संस्थान का पक्ष लिए बिना आरोपों को अंतिम निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत करना निष्पक्ष पत्रकारिता के अनुरूप नहीं होगा।
निष्कर्ष: युवाओं की सुरक्षा के लिए पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच जरूरी
मर्चेंट नेवी में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह मामला सतर्क रहने का संदेश देता है। एक ओर वेबसाइट पर प्रशिक्षण, सरकारी अनुमोदन और प्लेसमेंट से संबंधित दावों का उल्लेख बताया गया है, वहीं दूसरी ओर प्राप्त जानकारी में मेडिकल शुल्क, रिफंड और अतिरिक्त खर्चों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
फिलहाल उपलब्ध सामग्री से ऑनलाइन भर्ती धोखाधड़ी की पुष्टि नहीं होती। मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित वेबसाइट के दावों, सरकारी रिकॉर्ड, भुगतान संबंधी साक्ष्यों, अभ्यर्थियों के बयानों और संस्थान के आधिकारिक पक्ष की जांच आवश्यक है।
JNV NEWS 24 का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्थान को बिना प्रमाण दोषी ठहराना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े सवालों को तथ्यों के आधार पर सामने लाना है।
JNV NEWS 24 — जनहित में सवाल, तथ्यों के आधार पर पड़ताल।
संपादकीय नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई जानकारी और कथित शिकायतों पर आधारित प्रारूप है। प्रकाशन से पहले वेबसाइट, डोमेन रिकॉर्ड, शुल्क संबंधी दावों और सरकारी अनुमोदन की स्वतंत्र पुष्टि करें तथा संबंधित संस्थान को जवाब देने का अवसर दें।
