चीनी की कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं और कानपुर में खुदरा भाव ₹70 हो गया है; चांदी की कीमतों में भी भारी उछाल आया है
कानपुर में चीनी और चांदी की कीमतों ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जहां चीनी 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। त्योहारों और मांग के बीच दो दिनों में चांदी में भी भारी उछाल आया है, जिससे उपभोक्ता और व्यापारी हैरान हैं।
कानपुर। कीमतों में भारी बढ़ोतरी से बाज़ार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। चीनी की कीमतों ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। घरेलू बजट पर इस मार के साथ-साथ, बुलियन मार्केट (कीमती धातुओं के बाज़ार) में भी काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। सिर्फ़ दो दिनों में ही चांदी और चीनी, दोनों की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। त्योहारों के कारण बढ़ी मांग से कीमतों में आई इस अचानक तेज़ी से आम ग्राहक और व्यापारी, दोनों ही हैरान हैं।
चीनी की कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। शुक्रवार को थोक बाज़ार में चीनी ₹64–₹65 प्रति किलोग्राम के भाव पर बिकी। इसका असर खुदरा बाज़ार पर भी पड़ा है, जहां कीमतें ₹65 से बढ़कर ₹68 से ₹70 के बीच पहुंच गई हैं। महंगाई का यह असर बुलियन मार्केट में भी साफ दिख रहा है, जहां पिछले दो दिनों में चांदी की कीमतों में ₹16,500 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है।
केंद्र सरकार ने सिर्फ़ एक दिन पहले ही दस लाख मीट्रिक टन चीनी के ड्यूटी-फ़्री आयात का ऐलान किया था; फिर भी, बाज़ार में कीमतें स्थिर होती नहीं दिख रही हैं। थोक बाज़ार में चीनी की कीमतें, जो कुछ समय पहले तक ₹61 प्रति किलोग्राम थीं, शुक्रवार को फिर से बढ़ गईं और शाम तक ₹65–₹66 तक पहुँच गईं। कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर शहर के खुदरा बाज़ार पर भी पड़ा है, जहाँ चीनी की कीमतें ₹68 से ₹70 प्रति किलोग्राम के बीच पहुँच गई हैं।
बिठूर और सरसौल में भी चीनी का भाव 70 रुपये प्रति किलो रहा है। दि कानपुर शुगर मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल किशन माहेश्वरी ने बताया कि चीनी के दाम को नीचे लाने की सरकार की ओर से जो कोशिश की जा रही है। उसमें व्यवहारिकता नहीं है। अभी तक चीनी मिलों का स्टाक चेक नहीं कराया गया।
10 लाख मीट्रिक टन के आयात के घोषणा करने से बाजार पर असर नहीं पड़ेगा जब तक की चीनी खरीद का सौदा नहीं हो जाता है। 15 दिन के अंदर चीनी का आयात होता है तभी बाजार भाव नीचे आएंगे। चीनी के भाव में इतनी बड़ी तेजी पिछले चालीस साल में नहीं देखी गई है। एक अगस्त से अब तक चीनी का थोक भाव 20 रुपये से भी ज्यादा बढ़ चुका है।
दूसरी ओर सराफा बाजार में भी शुक्रवार को तेजी का माहौल रहा। चांदी का भाव 252000 रुपये प्रति किलो और सोने का भाव 164000 रुपये प्रति दस ग्राम पहुंच गया। एक दिन पहले चांदी का भाव 245500 रुपये और बुधवार को 235500 रुपये प्रति किलो रहा है। इसी तरह सोने का भाव भी 19 अगस्त को 157500 रुपये प्रति दस ग्राम और 20 अगस्त को 161500 रुपये प्रति दस ग्राम रहा है।
सराफा कारोबारियों का कहना है कि सहालग की तैयारी में चांदी और सोने की खरीद सराफा कारोबारी ही कर रहे हैं। इसके अलावा वैश्विक बाजार में भी तेजी बनी हुई है। इसका असर सोने और चांदी के भाव पर पड़ रहा है।
