नवोदयंस का गौरव: राजीव गांधी जी की दूरदर्शिता से संवर रहा ग्रामीण भारत का भविष्य

नवोदयंस का गौरव: राजीव गांधी जी की दूरदर्शिता से संवर रहा ग्रामीण भारत का भविष्य

लखनऊ : पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी की जयंती के अवसर पर देशभर के नवोदय विद्यालय परिवार (Navodayans) ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। देश भर के लाखों वर्तमान छात्र और पूर्व छात्र (Alumni) आज खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं, जिसका पूरा श्रेय राजीव गांधी जी की दूरदर्शी सोच को जाता है।

ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी बच्चों के सपनों को पंख देने के लिए राजीव गांधी जी ने 1986 में नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की स्थापना की थी। उनका उद्देश्य था कि धन या संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे के रास्ते में रोड़ा न बने।

नवोदयंस की तरफ से राजीव गांधी जी को विशेष आभार:

  • प्रतिभा को मिली पहचान: देश के कोने-कोने में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालयों (JNV) ने ग्रामीण भारत की छुपी हुई प्रतिभाओं को तराश कर देश और दुनिया के मंच पर स्थापित किया है।
  • हर क्षेत्र में नवोदयंस की छाप: आज नवोदय विद्यालय के पढ़े छात्र IAS, IPS, डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, उद्यमी और विभिन्न बड़े पदों पर आसीन होकर देश की सेवा कर रहे हैं।
  • मुफ्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार: आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और पूरी तरह से निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ आवासीय वातावरण ने बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव रखी।

नवोदयंस का कहना है कि आज वे जीवन में जिस भी मुकाम पर हैं, उसका बीजारोपण राजीव गांधी जी की उसी सोच से हुआ था, जिसने 1986 में नवोदय की नींव रखी।

"शिक्षा वह ज्योति है जो भविष्य को रोशन करती है" — राजीव गांधी जी के इस विचार को जीवंत करते हुए आज लाखों नवोदयंस उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और यह संकल्प लेते हैं कि वे भारत को 21वीं सदी में अग्रणी बनाने के उनके सपने को निरंतर पूरा करते रहेंगे।