स्कूलों के भ्रामक वीडियो फैलाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी; CM योगी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि स्कूलों के भ्रामक वीडियो फैलाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। उन्होंने ज़िलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों की वास्तविक स्थिति की जांच करने के लिए मौके पर जाकर निरीक्षण करें।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के प्राइमरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों की हालत दिखाने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर कड़ी नाराज़गी जताई है। दिल्ली में 'जेनरेशन-Z' मूवमेंट के बाद से यह ट्रेंड तेज़ी से बढ़ा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे माहौल खराब करने के मकसद से बनाए गए और गुमराह करने वाले वीडियो फैलाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करें। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को स्कूलों की असल हालत का पता लगाने के लिए मौके पर जाकर जांच करने का भी निर्देश दिया।
शनिवार को फील्ड अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान, मुख्यमंत्री ने ज़िलाधिकारियों से कहा कि वे खुद स्कूलों का दौरा करें और वहां की हालत, मिड-डे मील योजना, लड़के-लड़कियों के लिए शौचालय की सुविधा, क्लासरूम की स्थिति और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की सच्चाई का पता लगाएं। उन्होंने योजनाओं को लागू करने में गड़बड़ी के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आदेश दिया।
मुख्यमंत्री का यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के स्कूलों से जुड़े वीडियो - राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र के वीडियो के साथ - सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रहे हैं।
लखनऊ के मोहनलालगंज में बच्चों को स्कूल की जर्जर छत की सफाई करते हुए दिखाने वाला एक वीडियो वायरल हुआ। इसी तरह, झांसी से भी ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें स्कूल की दीवारें टूटी-फूटी, छत से पानी टपकता हुआ और पानी भरा हुआ दिख रहा है।
इस मामले में सरकार के सामने एक चुनौती यह है कि अक्सर घटनाओं को संदर्भ से हटकर पेश किया जाता है, और विपक्ष इसका फायदा उठाकर इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहा है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर जांच करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है।
